हमारी टीम

Nikita Gennadyevich Kalugin

संस्थापक निदेशक

हमारे निदेशक का जन्म 25 अक्टूबर 1985 को हुआ था , अब वे ववव श्ैजवतल ।ससपंदबम श् नामक निर्माण कम्पनी में निदेशक हैं । 2017 में वे धर्मार्थ गतिविधियों से जुड़े थे , उन्होंने गाय और बैल की अवस्थिति के बारे में पढ़ा कि गाय और बैल मानव समाज में माता एवं पिता समान हैं और तभी उन्होंने बेगुनाह जीवित प्राणियों की सहायता करने का निर्णय किया । उनका दृढ़ विश्वास है कि गायों और बैलों को संरक्षण प्रदान करने से मानव समाज और अधिक संस्कारी बनेगा ।

Alla Valerievna Gabarati

लेखाकार

15 मई 1988 को जन्मी एला ने अर्थशास्त्र विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त की है एवं लेखाकार के रूप में 11 वर्षों से कार्यरत हैं । उनके व्यवहार में विनम्रता एवं उत्तरदायित्व है तथा उनमें प्रबन्धकारी गुण उपलब्ध है । उनके सभी दस्तावेज व्यवस्थित रहते हैं , सभी रिपोर्ट समय से प्रस्तुत की जाती है । समय-समय पर वे निरंतर शिक्षा भी ग्रहण करती हैं ।

Lidiya Ilinichna Bedareva

सचिव

जन्म 25 अप्रैल 1948, निर्माण में उच्च शिक्षा , बेलारूशियन रिपब्लिक के श् ठमसचतवउेजतवल ठंदाश् में एक अग्रणी अभियंता के रूप में कार्यरत रहीं , वे अवकाश प्राप्त ,जिम्मेदार,नियमबद्ध और सिद्धान्तवादी व्यक्ति हैं । उन्हें गायों से अतिशय लगाव है ,इतना लगाव है कि यद्यपि वे एक फ्लैट में रहती हैं पर  वे अपने आप एक गाय ले आईं । वे संस्था के हर प्रयास में सहायता प्रदान करती हैं और उसकी गतिविधि में सुधार के लिए हर प्रयत्न करती हैं ।

गायों के संरक्षण एवं बचाव की दृष्टि से गौ रक्षा एवं संरक्षण धर्मार्थ संस्था " COW CARE SPACE " की स्थापना 2019 में हुई । हम समाज में मानव की एक माँ के रूप में गाय के महत्व को स्थापित करना चाहते हैं , इस सोच की रक्षा करना चाहते हैं और चाहते हैं कि हम इस सोच को भविष्य की पीढ़ी के लिए हस्तांतरित कर जाएं । जो लोग दुकान से डेयरी पदार्थ खरीदते हैं उन्हेंयाद रखना चाहिए कि दूध गाय द्वारा दिया गया प्यार है ,जैसे एक माँ बच्चे को स्तन पान कराती है ,ठीक उसी प्रकार गाय समस्त मानव जाति को दुग्ध पान कराती है । इसीलिए उसका सम्मान और उसकी रक्षा की जानी चाहिए । हमारी संस्था रूस की पहली ऐसी संस्था है जिसकी स्थापना गायों की देख-भाल के लिए हुई है । हमने एक पारिस्थितिक फाॅर्म की स्थापना की है जहाँ गायों और बैलों को वैदिक अहिंसा के सिद्धान्तों के आधार पर रखा जाता है , हम न तो उन्हें मारते हैं और न उन्हें कांजी हाउस को सौंपते हैं । गायों के संरक्षण की प्रवृत्ति बड़ी तेजी से बढ़ रही है और धीरे-धीरे एक वैश्विक प्रवृत्ति में बदलती जा रही है ,जिसका केवल आनन्द लिया जा सकता है । आप इसमें भाग लीजिए और गाय की देख-भाल और संरक्षण में सहायता कीजिए । यह बढ़ती हुई हिंसा , युद्ध, और भूख और जलवायु तथा पर्यावरण सम्बन्धी तबाही का एकमात्र तर्कस ग त विकल्प है जो गौ माता के प्रति हिंसात्मक रवैए के कारण उत्पन्न होता है । पीढ़ियों से लुप्त गाय की माता के रूप में स्थिति को पुनस्र्थापित करने के उद्देश्य से " COW CARE SPACE " की स्थापना हुई । गायों की रक्षा करना सम्पूर्ण मानव जाति का धर्म है । हम एक साथ मिल कर वर्तमान स्थिति में सुधार कर सकते हैं और अपने द्वारा चुने हुए मार्ग के प्रति निष्ठा के लिए हम विश्वस्त हैं । हम चाहते हैं कि मानव जाति के संरक्षण और समृद्धि हेतु आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक आदर्श बने और एक आर्थिक संरचना का उदाहरण भी बने । गौ रक्षा एवं संरक्षण धर्मार्थ संस्था " COW CARE SPACE " गायों की रक्षा में सहायक बनने एवं धृष्ट क्रूरता रोकने का एक अच्छा विकल्प है । इसलिए हमारा विनम्र निवेदन है कि आप गाय, हमारी और मानव जाति की सहायता करें ,जिससे हम भविष्य को स्वर्णिम बना सकें , अपने बच्चों के जीवन के लिए स्वच्छ ग्रह दे सकें और उन्हें उपयुक्त आध्यात्मिक विकास सौंप सकें । अन्ततः हम अपने आसपास की दुनिया को अपना मनोभाव बताना चाहते है कि हम आगे आने वाली पीढ़ी के भविष्य की देख-रेख के अच्छुक हैं ।

हमारा संदेश:

हम मानव समाज को महत्व देते हैं और हम चाहते हैं कि लोगों को प्रसन्न रहने का अधिकार और समृद्धिशाली जीवन मिले तथा गाय को फिर से माता का स्थान मिले ।


आदर्श-वाक्य:

गौ संरक्षण मानवता , सम्पन्नता एवं प्रसन्नता को दुबारा प्राप्त करने को वास्तविक सुअवसर है ।


उद्देश्य:

मानव समाज में गाय के प्रति सम्मान और प्रकृति में उसकी मूल प्रतिष्ठा की पुनस्र्थापना एवं गाय की मूलभूत अवस्थिति “ गाय माता है “ की पुनस्र्थापना । अधिक से अधिक गायों, बैलों एवं बछड़ों को अन्याय पूर्णक्रूरता से बचाना । वेद परायण कृषि पर आधारित पशुपालन एवं खेती के पारम्परिक सांस्कृतिक प्रथा की पुनस्र्थापना ।


हमारा लक्ष्य:

लोगों को इस पूज्य प्राणी के प्रति गरिमामयी मनोदृष्टि की महत्ता के बारे में शिक्षित करना, लोगों को ऐसी परियोजनाओं में शामिल करना  और लोगों को वैदिक संस्कृति पर आधारित गौ-रक्षा की सोच के प्रति आकृष्ट करना जिसके परिणाम स्वरूप गायों के संहार को विराम दिया जा सके ।


मूल्य:

अपने गुणों एवं प्रकृति के कारण सार्वलौकिक गौ माता लोगों की अज्ञानता से रक्षा करती हैं , भाग्यशाली एवं समृद्ध अवस्था का संवर्द्धन करती हैं , आत्मा और शरीर को रोग मुक्त करती हैं और आत्म सुधार में सहायता प्रदान करती हैं ।